ek ghar hai ek hi aangan meraa | एक घर है एक ही आँगन मेरा

  - Shams Amiruddin
एकघरहैएकहीआँगनमेरा
छोड़आयामैंजहाँबचपनमेरा
गाँवसेनिकलाकमानेकोमैंजब
खोगयापरदेशमेंयौवनमेरा
यादहैवोफूलऔरवोतितलियाँ
मोहलीथीपलमेंहीजोमनमेरा
हैतमन्नाखुलकेझूमूँमैंमगर
कटरहाहैतेरेबिनसावनमेरा
सोचताहूँइसबरसपहनादूँमैं
ख़ानदानीतुझकोइककंगनमेरा
  - Shams Amiruddin
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