naaz-nakhre roop saare behtareen | नाज़-नख़रे रूप सारे बेह्तरीन

  - Dipanshu Shams
नाज़-नख़रेरूपसारेबेह्तरीन
जान!लगतेहैंतुम्हारेबेह्तरीन
जोशमेंपढ़नेलगासुनतेहीमैं
वाहवा!क्याबात,प्यारेबेह्तरीन
बसकरोजाँअबहयाथकजाएँगे
कहते-कहतेचाँद-तारेबेह्तरीन
इश्क़मेंनुकसानकाक्यासोचना
इस
मेंहोतेहैंख़सारेबेह्तरीन
रक़्सलहरोंकानदीमेंदेखकर
कहउठेदोनोंकिनारेबेह्तरीन
यादे-माज़ीआईतोबोलायेदिल
दिनथे,बचपनकेहमारेबेह्तरीन
  - Dipanshu Shams
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