दर्द से यूँँ लगाव रखता हूँ

  - Dipanshu Shams
दर्दसेयूँँलगावरखताहूँ
ताज़ाहरदममैंघावरखताहूँ
पारकरनेकोज़ीस्तकादरिया
चलतीसाँसोंकीनावरखताहूँ
इकतराज़ूहूँमैंसदाक़तका
सचकीजानिबझुकावरखताहूँ
उम्रकीधूपरूहपरपड़े
सोबदनकाढकावरखताहूँ
इकक़लमकारहूँतोज़ेहनमेंबस
फ़िक्र-ओ-फ़नकाजमावरखताहूँ
  - Dipanshu Shams
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