ajnabi raah par khada hooñ main | अजनबी राह पर खड़ा हूँ मैं

  - Dipanshu Shams
अजनबीराहपरखड़ाहूँमैं
इसकामतलबभटकगयाहूँमैं
रेड-बुलसीहीफुर्तीमिलतीहै
उसकेजबहोठचूमताहूँमैं
हिज्रकेबादरोते-रोतेअब
बे-सबबहँसनेभीलगाहूँमैं
ख़्वाहिशोंवस्लकीहैँमुझकोऔर
हिज्रपरशे'रकहरहाहूँमैं
एक-दो-दोकाइल्महैमुझको
हैफ़ईलुनयेजानताहूँमैं
  - Dipanshu Shams
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