hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shajar Abbas
roz mujhse kahti hain sakhiyaan meri
roz mujhse kahti hain sakhiyaan meri | रोज़ मुझ सेे कहती हैं सखियाँ मेरी
- Shajar Abbas
रोज़
मुझ
सेे
कहती
हैं
सखियाँ
मेरी
तुम-शजर
अच्छे
लगोगे
साथ
में
- Shajar Abbas
Download Sher Image
सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
Send
Download Image
42 Likes
बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
Send
Download Image
28 Likes
ज़रा
पाने
की
चाहत
में
बहुत
कुछ
छूट
जाता
है
नदी
का
साथ
देता
हूँ
समुंदर
रूठ
जाता
है
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
48 Likes
हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
Read Full
Mohit Dixit
Send
Download Image
8 Likes
कभी
चाहत
पे
शक
करते
हुए
ये
भी
नहीं
सोचा
तुम्हारे
साथ
क्यूँ
रहते
अगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
Send
Download Image
28 Likes
मशवरा
हम
भी
तो
दे
सकते
थे
पर
तेरा
साथ
दे
रहे
थे
हम
Vishal Singh Tabish
Send
Download Image
57 Likes
टेंशन
से
मरेगा
न
कोरोने
से
मरेगा
इक
शख़्स
तेरे
साथ
न
होने
से
मरेगा
Idris Babar
Send
Download Image
27 Likes
जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
Send
Download Image
34 Likes
बड़ी
मुश्किल
से
नीचे
बैठते
हैं
जो
तेरे
साथ
उठते
बैठते
हैं
Khurram Afaq
Send
Download Image
30 Likes
सवाल
है
घड़ी
ईजाद
करने
वाले
से
मिलायी
पहली
घड़ी
उसने
किस
घड़ी
के
साथ
Raj
Send
Download Image
3 Likes
Read More
घर
से
आज़ाद
कर
दिया
गया
है
मुझको
बर्बाद
कर
दिया
गया
है
जिनको
शागिर्दीगी
न
आई
कभी
उनको
उस्ताद
कर
दिया
गया
है
आज
ना-शाद
शाद
होना
था
शाद
ना-शाद
कर
दिया
गया
है
मैं
हूँ
सय्यद
यक़ीन
मान
मिरा
मुझको
सय्याद
कर
दिया
गया
है
फिर
लगाकर
शजर
मुहब्बत
का
शहर
आबाद
कर
दिया
गया
है
Read Full
Shajar Abbas
Download Image
0 Likes
शिद्दत-ए-दर्द
की
रसाई
दे
गर
ख़ुदा
है
तो
फिर
दिखाई
दे
अपने
होंठों
से
चूम
आँखें
मेरी
मेरी
आँखों
को
रौशनाई
दे
मुझको
बर्बाद
करने
वाले
बशर
आ
मुझे
आ
के
तू
बधाई
दे
क़ैद-ए-शिद्दत
में
मैं
बहुत
ख़ुश
हूँ
क़ैद-ए-शिद्दत
से
मत
रिहाई
दे
मुझ
सेे
ये
मुस्कुरा
के
बोला
शजर
बा-वफ़ा
है
तो
फिर
वफ़ाई
दे
Read Full
Shajar Abbas
Download Image
2 Likes
मीर
गुज़रे
थे
जिन
मराहिल
से
उन
मराहिल
से
हम
गुज़रते
हैं
Shajar Abbas
Send
Download Image
0 Likes
वफ़ा
ओ
इश्क़
के
मैदान
से
निकालूँगा
मैं
ख़ुद
को
हाल-ए-परेशान
से
निकालूँगा
मैं
तेरी
डोली
की
तरह
तेरी
बिदाई
के
दिन
जनाज़ा
अपना
बड़ी
शान
से
निकालूँगा
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
गुलाब
झेलते
हैं
जिस
तरह
से
ख़ार
का
दुख
यूँँ
मेरी
आँखों
ने
झेला
है
इंतिज़ार
का
दुख
गले
से
अपने
लगाकर
हमें
दिलासा
दें
हमारे
यार
मनाएँ
हमारी
हार
का
दुख
है
दिल
में
बुग़्ज़
हसद
लब
पे
है
सलाम
दु'आ
अजीब
है
मिरे
माबूद
शहरयार
का
दुख
अनीस
जौन
ज़फ़र
मीर
फ़ैज़
ग़ालिब
का
जो
दुख
था
आज
वही
है
'शजर'
ख़ुमार
का
दुख
Read Full
Shajar Abbas
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
One sided love Shayari
Izhar Shayari
Ghar Shayari
Zindagi Shayari
Wajood Shayari