हैज़ख़्मीहिज्रकेनश्तरसेदिलदिखाऊँकिसे
मैंयेमसाइब-ए-हिज्राँशजरसुनाऊँकिसे
मेरेअज़ीज़-ओ-अकारिबहीदुश्मन-ए-जाँहैं
मैंमुश्किलातमेंइमदादकोबुलाऊँकिसे
हज़ारोंख़्वाबबसेराकिएहैंआँखोंमें
किसेनिकालदूँआख़िरबताबसाऊँकिसे
शब-ए-दराज़हैतन्हाईहैउदासीहै
ग़म-ओ-अलमकीयेमैंदास्ताँसुनाऊँकिसे
शजरकोकाटकेबेघरकियापरिंदोंको
येबेबसीकीकहानीबतासुनाऊँकिसे