मजलिस-ए-इश्क़मेंख़ुतबाजोनयादेतेहो
सचकहूँआपमिरादर्दबढ़ादेतेहो
आहक्याख़ूबसलीक़ेसेसज़ादेतेहो
ज़ख़्मदेकरहमेंजीनेकीदु'आदेतेहो
गर्दन-ए-ख़्वाबपेहरअहल-ए-सहरआकरतुम
यारबेचैनीकीशमशीरचलादेतेहो
क्यूँनहैरतभरीनज़रोंसेतुम्हेंदेखेजहाँ
बे-वफ़ाशख़्सहोपैग़ाम-ए-वफ़ादेतेहो
ज़िंदगीअपनीउसेएकसज़ालगतीहै
आपजिसकोभीनिगाहोंसेगिरादेतेहो
उम्रभरआपकीममनूनरहूँगीमैंशजर
शुक्रियाआपकातोहफ़ेमेंरिदादेतेहो