hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shajar Abbas
dua hai meri tire haq men ai haseen bashar
dua hai meri tire haq men ai haseen bashar | दु'आ है मेरी तिरे हक़ में ऐ हसीन बशर
- Shajar Abbas
दु'आ
है
मेरी
तिरे
हक़
में
ऐ
हसीन
बशर
शजर
के
बाद
तुझे
दूसरा
शजर
न
मिले
- Shajar Abbas
Download Sher Image
इस
ज़माने
में
भी
इक
लड़का
तुम्हें
यूँँ
चाहता
है
अपने
रब
से
वो
तुम्हारी
जैसी
बेटी
माँगता
है
तुम
भला
उस
प्रेम
की
गहराई
क्या
समझोगे
जानाँ
जो
कभी
ख़्वाबों
में
भी
अपनी
न
सरहद
लाँघता
है
Read Full
Harsh saxena
Send
Download Image
5 Likes
माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
Send
Download Image
33 Likes
देख
रफ़्तार-ए-इंक़लाब
'फ़िराक़'
कितनी
आहिस्ता
और
कितनी
तेज़
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
24 Likes
निगाह-ए-गर्म
क्रिसमस
में
भी
रही
हम
पर
हमारे
हक़
में
दिसम्बर
भी
माह-ए-जून
हुआ
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
47 Likes
ये
मैंने
कब
कहा
कि
मेरे
हक़
में
फ़ैसला
करे
अगर
वो
मुझ
से
ख़ुश
नहीं
है
तो
मुझे
जुदा
करे
मैं
उसके
साथ
जिस
तरह
गुज़ारता
हूँ
ज़िंदगी
उसे
तो
चाहिए
कि
मेरा
शुक्रिया
अदा
करे
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
205 Likes
सियाह
रात
की
सरहद
के
पार
ले
गया
है
अजीब
ख़्वाब
था
आँखें
उतार
ले
गया
है
है
अब
जो
ख़ल्क़
में
मजनूँ
के
नाम
से
मशहूर
वो
मेरी
ज़ात
से
वहशत
उधार
ले
गया
है
Read Full
Abhishek shukla
Send
Download Image
32 Likes
मोहब्बत
की
तो
कोई
हद,
कोई
सरहद
नहीं
होती
हमारे
दरमियाँ
ये
फ़ासले,
कैसे
निकल
आए
Khalid Moin
Send
Download Image
29 Likes
लहू
वतन
के
शहीदों
का
रंग
लाया
है
उछल
रहा
है
ज़माने
में
नाम-ए-आज़ादी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
32 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
Read Full
Shikha Pachouly
Send
Download Image
37 Likes
Read More
वफ़ा
ओ
इश्क़
के
मैदान
से
निकालूँगा
मैं
ख़ुद
को
हाल-ए-परेशान
से
निकालूँगा
मैं
तेरी
डोली
की
तरह
तेरी
बिदाई
के
दिन
जनाज़ा
अपना
बड़ी
शान
से
निकालूँगा
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
बाद
तेरे
किसी
के
क्या
होते
ख़ुद
के
हम
ख़ुद
नहीं
रहे
पागल
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
अहद-ओ-पैमाँ
हैं
जो
मोहब्बत
में
आओ
सब
तोड़
कर
चले
जाएँ
हमको
तुम
छोड़
कर
चली
जाओ
तुमको
हम
छोड़
कर
चले
जाएँ
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
बे
तहाशा
देखा
है
बे
शुमार
देखा
है
आज
उसकी
आँखों
में
मैंने
प्यार
देखा
है
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
लुट
रहा
है
चमन
मुहब्बत
का
हाए
कोई
मलाल
करता
नईं
मैं
तो
सब
का
ख़याल
करता
हूँ
कोई
मेरा
ख़याल
करता
नईं
Read Full
Shajar Abbas
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Cigarette Shayari
Faith Shayari
Naqab Shayari
Maut Shayari
Jashn Shayari