रुख़परनक़ाबसरपेरिदाचाहताहूँमैं
उसकोलगेहैउसकाबुराचाहताहूँमैं
क्यापूछतेहोमुझसेेकिक्याचाहताहूँमैं
मैंबावफ़ाहूँयारवफ़ाचाहताहूँमैं
तुर्बतमेंअपनीकरबोबलाचाहताहूँमैं
अपनेकफ़नमेंख़ाक-ए-शिफ़ाचाहताहूँमैं
हलमिनकीदेकेरनसेज़मानेकोइकसदा
लब्बैककीजहाँसेसदाचाहताहूँमैं
मैंख़ादिम-ए-रसूलग़ुलामान-ए-पंजेतन
राह-ए-ख़ुदामेंअपनीक़ज़ाचाहताहूँमैं
अफ़सुर्दगीकीज़र्रा-नवाज़ीसेथकचुका
कुछशादमानीतेरामज़ाचाहताहूँमैं
गर्दनकेतौक़पैरोंकीज़ंजीरसेसमझ
दुनियामेंइंक़िलाबनयाचाहताहूँमैं
हामीहूँइत्तिहादकानफ़रतसेबैरहै
पैग़ाम-ए-अम्नबाद-ए-सबाचाहताहूँमैं
दुनियाख़िलाफ़हैतोरहेमुझकोग़मनहीं
बसज़िंदगीमेंसाथतिराचाहताहूँमैं
तकलीफ़मेरीसमझोमुझेतुमदवानदो
मैंहूँमरीज़-ए-इश्क़दु'आचाहताहूँमैं
दश्त-ए-जुनूँमेंख़ाकउड़ानेकेवास्ते
कू-ए-मता-ए-जाँसेविदाचाहताहूँमैं
तुमसेेयेजानमालनहींचाहिएशजर
बसदोस्तीमेंअहद-ए-वफ़ाचाहताहूँमैं