yaad ki daulat hai ab ta umr rone ke li.e | याद की दौलत है अब ता उम्र रोने के लिए

  - Shajar Abbas
यादकीदौलतहैअबताउम्ररोनेकेलिए
येगिरेबाँचाकहैख़ूँसेभिगोनेकेलिए
जबउदासीनाज़सेसरकोउठानेलगगई
क़हक़हेनिकलेउदासीकोडुबोनेकेलिए
हिज्रकेमारेहुएकीबेबसीतोदेखिए
साँसकाधागामिलाहैग़मपिरोनेकेलिए
तुझकोखोकरअबमुझेऐसालगेहैहरघड़ी
पासमेंअबकुछनहींहैमेरेखोनेकेलिए
इश्क़केमैदानसेमाल-ए-ग़नीमतमेंशजर
दर्दकाबिस्तरमिलाहैदिलकोसोनेकेलिए
  - Shajar Abbas
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