vafaa khuloos mohabbat ki ibtida hooñ main | वफ़ा ख़ुलूस मोहब्बत की इब्तिदा हूँ मैं

  - Shajar Abbas
वफ़ाख़ुलूसमोहब्बतकीइब्तिदाहूँमैं
बताओकिसनेकहातुमसेेबेवफ़ाहूँमैं
तुम्हारेनक़्श-ए-पाहरएकदिलकेकूचेमें
निगाह-ए-शौक़सेहरवक़्तढ़ूँढ़ताहूँमैं
मेरेलबोंपेतबस्सुमकहाँसेआएगा
ग़म-ए-फ़िराक़मेंहरलम्हाग़म-ज़दाहूँमैं
किसीनेबर-सर-ए-मक़तलतरसनहींखाया
वोकहरहाथाकिबेजुर्म-ओ-बे-ख़ताहूँमैं
मेरामिज़ाजनिरालाहैअस्र-ए-हाज़िरमें
सितमकोसब्रकेख़ंजरसेकाटताहूँमैं
हाँहक़केसाथसदामिस्ल-ए-मीसम-ए-तम्मार
खड़ारहूँगाखड़ाथाखड़ाहुआहूँमैं
कियाहैजबसेशुरूमैंनेहक़कोहक़कहना
ज़मानेवालोंकीआँखोंमेंचुभरहाहूँमैं
मुख़ालिफ़तमेरीकरनेलगेहैंअहल-ए-जहाँ
वोयानीरस्तेपेहक़कीनिकलपड़ाहूँमैं
शजरयेहज़रत-ए-ज़ैनबकेलबपेनौहाथा
हैबाबाशामकाबाज़ारबेरिदाहूँमैं
निशान-ए-पातेरादेताथाचीख़करयेसदा
शजरतूचूमलेउसकानिशान-ए-पाहूँमैं
ज़मानेवालेज़मानेमेंमुझकोसमझेंगे
क़समख़ुदाकीशजरऐसाफ़लसफ़ाहूँमैं
  - Shajar Abbas
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