wujood ishq ka aise mita raha hai koii | वुजूद इश्क़ का ऐसे मिटा रहा है कोई

  - Shajar Abbas
वुजूदइश्क़काऐसेमिटारहाहैकोई
लहूसेलिक्खेहुएख़तजलारहाहैकोई
हैकोईरक़्समेंमसरूफ़बज़्ममेंतोकहीं
किसीकीयादमेंआँसूबहारहाहैकोई
फ़िराक़-ए-यारमेंअफ़सुर्दाहालमेंहैमलाल
किसीकेवास्तेख़ुदकोसजारहाहैकोई
येसचहैइश्क़हैदोनोंकोएकदूसरेसे
किसीनेकरदियाज़ाहिरछुपारहाहैकोई
कोईमकीनहैंमहलोंमेंशानसेतोकहीं
हयातदश्तमेंअपनीबितारहाहैकोई
उदासहोगएसारेपरिंदऔरशजर
येलगरहाहैकिबस्तीसेजारहाहैकोई
  - Shajar Abbas
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy