tamaam fikron se azaad ho ga.e ho tum | तमाम फ़िक़्रों से आज़ाद हो गए हो तुम

  - Shajar Abbas
तमामफ़िक़्रोंसेआज़ादहोगएहोतुम
यहीसबबहैजोना-शादहोगएहोतुम
किसीकीयादोंकीज़ंजीरदिलकेपैरोंमें
खनककेकहतीहैबर्बादहोगएहोतुम
सभीसहेलियाँतेरीयेकहकेरोनेलगीं
वोहीरहोगईफ़रहादहोगएहोतुम
जवानोंकरनेलगेहोनमाज़-ए-इश्क़क़ज़ा
जनाब-ए-क़ैससेअबआ'दहोगएहोतुम
लिहाज़अपनेबुज़ुर्गोंकाभूलमतजाना
अगरचेमीरसेउस्तादहोगएहोतुम
  - Shajar Abbas
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