sochta rehta hooñ main har ghadi kya bhool gaya | सोचता रहता हूँ मैं हर घड़ी क्या भूल गया

  - Shajar Abbas
सोचतारहताहूँमैंहरघड़ीक्याभूलगया
यादआयाअरेहाँअहद-ए-वफ़ाभूलगया
बेख़ताज़ुल्म-ओ-सितमकरताहैमज़लूमोंपर
मुसलमानतूफ़रमान-ए-ख़ुदाभूलगया
मैंनेपूछाजोसवालनकितुम्हेंयादहूँमैं
देखकरमेरीतरफ़बोलाकेजाभूलगया
जितनेख़ुशियोंभरेलम्हेंथेवोसबयादरहे
जोअज़ीज़ोंनेजफ़ाकीथीजफ़ाभूलगया
आपकिसजुर्ममेंज़िंदानमेंआएहोशजर
मा'ज़रतचाहताहूँक्याथीख़ताभूलगया
  - Shajar Abbas
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