shaaya jo shayari ki tumhaari kitaab ho | शाया जो शा'इरी की तुम्हारी किताब हो

  - Shajar Abbas
शायाजोशा'इरीकीतुम्हारीकिताबहो
तहरीरउस
मेंमुझपेशजरएकबाबहो
ज़ुल्फ़-ए-सियाह-फ़ामरूख़-ए-जानसेहटें
तोफिरनमूनगरमेंमेरेमाहताबहो
रौनकहैजिससेेसारेगुलिस्ताँमेंइश्क़के
तुमबा-ख़ुदामता-ए-गिराँवोगुलाबहो
क़ल्ब-ए-हज़ीयेकहताहैफ़ुर्क़तमेंआपकी
मयख़ारीमयक़देमेंहोऔरबेहिसाबहो
कलरातख़्वाब-ए-शीरींमेंदेखीहैसल्तनत
वाज़-ए-नजूमीअबमेरीता'बीर-ए-ख़्वाबहो
येएतिबार_ए_लग्ज़िश_ए_पाहोउरूज़पर
हाकिमसेराहरौकोअगरबारयाबहो
येआरज़ू-ए-क़ल्ब-ए-तपाँहैंमता-ए-जाँ
हाथोंपेहोहिनातेरेरूख़परनक़ाबहो
परवरदिगाररखलेदु'आकामेरीभरम
मेरेगुनाहगारपेनाज़िलअज़ाबहो
इकशाहज़ादीमहव-ए-तकल्लुमहैंशाहसे
क्यूँँमुनाफ़िकोंकाकलेजाकबाबहो
जोराहरोंजहानमेंमंज़िलसेदूरहैं
मंज़िलमेरेइलाहीउन्हेंदस्तियाबहो
  - Shajar Abbas
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