sadaaein aati hain rah rah ke aao dasht-e-junoon | सदाएँ आती हैं रह रह के आओ दश्त-ए-जुनूँ

  - Shajar Abbas
सदाएँआतीहैंरहरहकेआओदश्त-ए-जुनूँ
जनाब-ए-क़ैसकेजैसेबसाओदश्त-ए-जुनूँ
सुकून-ए-क़ल्ब-ए-हज़ीचाहिएअगरतुमको
तोबस्तीछोड़केतुमयारजाओदश्त-ए-जुनूँ
जाओदश्त-ए-जुनूँछोड़करदयार-ए-सनम
बिछड़केकूचेकोउसकेबनाओदश्त-ए-जुनूँ
फ़िराक़-ए-यारकेमारेहैंसबवहाँपेमकीं
फ़िराक़-ए-यारकेमारेहोजाओदश्त-ए-जुनूँ
लबोंपेहिज्रकेमारेग़ज़लसजाएँगे
रदीफ़इसकीशजरतुमबनाओदश्त-ए-जुनूँ
  - Shajar Abbas
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