paighaam de raha hai ye ro ro ke aasmaañ | पैग़ाम दे रहा है ये रो रो के आसमाँ

  - Shajar Abbas
पैग़ामदेरहाहैयेरोरोकेआसमाँ
हरसूमेरेनगरमेंहैंमंज़रधुआँ-धुआँ
तीर-ओ-तबरकोवक़्तकेबातिलकोमातदी
मक़तलमेंहँसकेजीतगयाएकबे-ज़बाँ
शाहज़ादीतुममुझेइसकाजवाबदो
नक्श-ए-क़दमतुम्हारेमैंढूँडूकहाँकहाँ
सुनकरविसाल-ए-यारकापैग़ामदेखिए
करतेहैंरक़्सअर्शपेख़ुर्शीद-ओ-कहकशाँ
हक़दारहैंयेख़ुल्द-ए-बरींकेसभीख़ुदा
येक़िस्सा-ख़्वाँग़ज़ालशजरऔरनौहा-ख़्वाँ
  - Shajar Abbas
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