nagma-e-ishq gungunaate raho | नग्मा-ए-इश्क़ गुनगुनाते रहो

  - Shajar Abbas
नग्मा-ए-इश्क़गुनगुनातेरहो
परचम-ए-इश्क़कोउठातेरहो
रस्म-ए-शब्बीरीकोनिभातेरहो
राह-ए-हक़मेंगलेकटातेरहो
यूँँहीशबभरहमेंसतातेरहो
ख़्वाबमेंआपआतेजातेरहो
दरमियाँउल्फ़तेबढ़ातेरहो
हमसेेरूठोहमेंमनातेरहो
हमसेेमिलतेरहोगलेहमदम
औरहमकोगलेलगातेरहो
हमतुम्हेंदेखेंमुस्कुरातेरहें
तुमहमेंदेखोमुस्कुरातेरहो
ख़ूब-सूरतसीअपनीआँखोंमें
आपसपनेमेरेसजातेरहो
दिलदुखानातुम्हारापेशाहै
तोमेरेदिलकोतुमदुखातेरहो
चंददिनकीहैज़िंदगानीमियाँ
इस
मेंहँसतेरहोहँसातेरहो
आजकीशबहैशबइबादतकी
आजजगतेरहोजगातेरहो
यारमेरेयेइकसियासतहै
इश्क़करतेरहोछुपातेरहो
ज़िक्रकरतेरहोशजरकामेरे
उसकीग़ज़लेंमुझेसुनातेरहो
  - Shajar Abbas
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