malaal hijr ka kuchh aise kam kiya jaa.e | मलाल हिज्र का कुछ ऐसे कम किया जाए

  - Shajar Abbas
मलालहिज्रकाकुछऐसेकमकियाजाए
किसीकीयादमेंआँखोंकोनमकियाजाए
सितमहुआहैजोफ़रहादक़ैसराँझापर
हमारीज़ातपेभीवोसितमकियाजाए
अगररिवाजहैचाहतमेंसरचढ़ानेका
तोसबसेपहलेमिरासरक़लमकियाजाए
निगाह-ए-इश्क़सेदीदार-ए-गुम्बद-ए-ख़िज़्रा
ख़ुलूस-ए-दिलसेतवाफ़-ए-हरमकियाजाए
बतारहाहैशजरकायूँँहिचकियाँलेना
शजरपेसूरा-ए-यासीनदमकियाजाए
  - Shajar Abbas
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