main gum rahoonga zamaane bhar se hayaat faaqon men kaat dooñga | मैं गुम रहूँगा ज़माने भर से हयात फ़ाक़ों में काट दूँगा

  - Shajar Abbas
मैंगुमरहूँगाज़मानेभरसेहयातफ़ाक़ोंमेंकाटदूँगा
हाँझूठीशोहरतहरामदौलतकीदिलमेंहसरतनहींरखूँगा
तूशाहज़ादीहैमाह-रूहैतूमहलक़ाहैतूमहजबींहै
इसीतरहसेमैंतेरीमिदहतसदासकरताहूँऔरकरूँँगा
येमेरीगज़लेंयेमेरीनज़्मेंयेशे'रमेरेतिरेलिएहैं
सभीसुनाऊँगातुझकोउसदिनमैंयारजिसदिनतुझेमिलूँगा
अगरतूमेरीतरहसेठोकरलगाकेजाएसल्तनतको
तोतुझकोसीनेलगाकेअपनेमैंतेरेक़दमोंकोचूमलूँगा
अगरचलेगीहवा-ए-ज़ुल्मतकहींजहाँमेंख़िलाफ़उसके
मुख़ालिफ़तमेंमैंउसकीहक़काचराग़बनकरचमकउठूँगा
मुहम्मदीहूँमैंहैदरीहूँमैंशब्बरीहूँमैंहूँहुसैनी
मैंहक़लिखूँगामैंहक़पढूँगामैंहक़कहूँगामैंहक़सुनूँगा
समरमेंदूँगावफ़ामुहब्बतकासबकोदूँगाअमनकासाया
शजरअगरमैंशजरबनूँगातोसुनलोऐसाशजरबनूँगा
  - Shajar Abbas
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