jabse college men mere aayi ho aap | जबसे कॉलेज में मेरे आई हो आप

  - Shajar Abbas
जबसेकॉलेजमेंमेरेआईहोआप
दिलकासारासुकूँचुराईहोआप
मैंहमेशाउदासरहताथा
मेरेहिस्सेमेंख़ुशियाँलाईहोआप
दिलपेअबमेराइख़्तियारनहीं
जबसेदिलकोपड़ीदिखाईहोआप
मैंनेतुमकोख़ुदासमाँगाहै
तबमेरीज़िन्दगीमेंआईहोआप
नामकीतरहहू-ब-हूअपने
ख़ूब-सूरतभीइंतिहाईहोआप
आपनेवा'दाफिरवफ़ाकिया
आजभीदेरसेहीआईहोआप
पुरख़तरराहोंपरख़ुदाकीक़सम
हाँमेरीकरतीहमनवाईहोआप
जबसेदेखाहैतुमकोहैराँहूँ
इतनीक्यूँयारपारसाईहोआप
राज़कीएकबातबतलाऊँ
मेरीआँखोंकीरौशनाईहोआप
गुलनहींथावोदिलहमाराथा
जिसकोरस्तेमेंफेंकआईहोआप
चाँदजैसेहसीनचेहरेसे
इसज़मानेकोजगमगाईहोआप
जबमोहब्बतकीबातकीहमने
हरदफ़ाबातकोघुमाईहोआप
जलरहेहैंमुनाफ़िक़ोंकेजिगर
मुझकोडीपीपेक्यूँलगाईहोआप
रोज़-ए-महशरख़ुदाकरेगासवाल
दिलशजरकादुखाकेआईहोआप
जाओपागलशजरकीछाँवमें
धूपमेंक्यूँँनिकलकेआईहोआप
  - Shajar Abbas
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