जुनूनचीख़चीख़करयेकहताहैजुनूनसे
शब-ए-फ़िराक़-ए-यारमेंदिएजलाओख़ूनसे
यक़ीनकरयेइश्क़केनगरमेंएकपलकभी
दिल-ए-ग़रीब-ए-ख़स्ता-तनरहानहींसुकूनसे
हमारेदिलकीसारीनेकहाजतेक़ुबूलकर
मिलादेमाह-ए-जनवरीइलाहीमाह-ए-जूनसे
मुझेयेएतिबारहैतूदेखलेनाएकदिन
मैंआब-जूनिकालदूँगाकोह-ए-बे-सुतूनसे
कहायेहर्फ़-ए-ख़ेनेबढ़केहर्फ़-ए-वावसेशजर
करोअबइख़्तिताम-ए-लफ़्ज़-ए-ख़ूनहर्फ़-ए-नूनसे