उल्फ़तसेऔरइश्क़-ओ-मोहब्बतसेदूरहो
शुक्र-ए-ख़ुदाकरोमियाँआफ़तसेदूरहो
फ़रहादक़ैसराँझाकीसोहबतसेदूरहो
तन्हाईयोंसेसहराकीवहशतसेदूरहो
कहतेहोख़ुदकोपैरों-ए-शब्बीरहैफ़है
मज़लूम-ओ-बेकसोंकीहिमायतसेदूरहो
अफ़सोसहैयेहज़रत-ए-दिलमुझकोआपपर
मक़तलमेंइश्क़केहोशहादतसेदूरहो
सुनिएशजरवोसबसेेबड़ाबदनसीबहै
जोशख़्सवालिदेनकीख़िदमतसेदूरहो