in teer sii nazaron ko idhar kyuuñ nahin karta | इन तीर सी नज़रों को इधर क्यूँ नहीं करता

  - Shajar Abbas
इनतीरसीनज़रोंकोइधरक्यूँनहींकरता
तूइश्क़कीइसजंगकोसरक्यूँनहींकरता
दीवारमेंदरदेखकेमैंसोचरहाहूँ
वोफिरकिसीदीवारमेंदरक्यूँनहींकरता
गरइश्क़हैतुझकोतोजुदाईकेअलममें
तूख़ूनसेपोशाककोतरक्यूँनहींकरता
हुस्नकीबारिशमेंनहाएहुएबंदे
तूराह-ए-मुहब्बतपेसफ़रक्यूँनहींकरता
किरदारपेबोहतानलगाताहैसभीके
किरदारपेख़ुदअपनेनज़रक्यूँनहींकरता
ख़ुशहोकेमिलाकरताथाहरशख़्ससेपहले
क्याहोगयाअबऐसाशजरक्यूँनहींकरता
  - Shajar Abbas
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