ik musaafir kah raha hai yaa mira koi nahin | इक मुसाफ़िर कह रहा है याँ मिरा कोई नहीं

  - Shajar Abbas
इकमुसाफ़िरकहरहाहैयाँमिराकोईनहीं
पुर-ख़तररस्ताहैलेकिनरहनुमाकोईनहीं
इश्क़कीदहलीज़परमय्यतपड़ीहैक़ल्बकी
दिलकीग़ुर्बतपेयहाँपरग़म-ज़दाकोईनहीं
करदियागुलअपनेख़ै
मेंकादियाशब्बीरने
छोड़केख़ैमामगरदेखोगयाकोईनहीं
येख़ुशीहैगयाहूँमैंतेरीमहफ़िलतलक
परमलालइसकाहैमुझकोदेखताकोईनहीं
हारकरहिम्मतशजरनेज़िन्दगीसेयेकहा
अबसिवाएख़ुद-कुशीकेरास्ताकोईनहीं
  - Shajar Abbas
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