mehro-wafa ki shamaa jalate to baat thii | महर-ओ-वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी

  - Rekhta Pataulvi
महर-ओ-वफ़ाकीशमआजलातेतोबातथी
इंसानियतकापासनिभातेतोबातथी
जम्हूरियतकीशानबढ़ातेतोबातथी
फ़िरक़ापरस्तियोंकोमिटातेतोबातथी
जिससेेकिदूरहोतींकुदूरतकीज़ुल्मतें
ऐसाकोईचराग़जलातेतोबातथी
जम्हूरियतकाजश्नमुबारकतोहैमगर
जम्हूरियतकीजानबचातेतोबातथी
ज़रदारसेयहहाथमिलानाबजामगर
नादारकोगलेसेलगातेतोबातथी
बर्बादहोनेकातोकोईग़मनहींमगर
अपनाबनाकेमुझकोमिटातेतोबातथी
हिंदोस्तानकीक़सम'रेख़्ता'हूँख़ुश
परमुंसिफ़ीकीबातबतातेतोबातथी
  - Rekhta Pataulvi
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