hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shadab khan
kaun deta gareeb ko izzat
kaun deta gareeb ko izzat | कौन देता ग़रीब को इज़्ज़त
- Shadab khan
कौन
देता
ग़रीब
को
इज़्ज़त
तू
अमीरों
को
ही
बधाई
दे
- Shadab khan
Download Sher Image
अल्लाह
तेरे
हाथ
है
अब
आबरू-ए-शौक़
दम
घुट
रहा
है
वक़्त
की
रफ़्तार
देख
कर
Bismil Azimabadi
Send
Download Image
31 Likes
ज़िंदा
रहने
की
ये
तरक़ीब
निकाली
हमने
बात
बिगड़ी
हुई
कुछ
ऐसे
सँभाली
हमने
उस
सेे
समझौता
किया
है
उसी
की
शर्तों
पे
जान
भी
बच
गई
इज़्ज़त
भी
बचा
ली
हमने
Read Full
Divyansh Shukla
Send
Download Image
6 Likes
तुम्हें
लगा
है
कि
मेरे
होते,
तुम्हें
भी
दिल
में
जगह
मिलेगी
बड़ी
ही
इज़्ज़त
से
कह
रहा
हूँ
,चलो
उठो
अब
मेरी
जगह
से
Shadab Asghar
Send
Download Image
7 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
लड़
सको
दुनिया
से
जज़्बों
में
वो
शिद्दत
चाहिए
इश्क़
करने
के
लिए
इतनी
तो
हिम्मत
चाहिए
कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
Read Full
Nadeem Shaad
Send
Download Image
82 Likes
ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
29 Likes
कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
Nadeem Shaad
Send
Download Image
40 Likes
सुन
ओ
कहानीकार
कोई
ऐसा
रोल
दे
ऐसे
अदा
करूँं
मेरी
इज़्ज़त
बनी
रहे
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
27 Likes
ऐ
"दाग़"
बुरा
मान
ना
तू
उसके
कहे
का
माशूक
की
गाली
से
तो
इज़्ज़त
नहीं
जाती
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
46 Likes
चादर
की
इज़्ज़त
करता
हूँ
और
पर्दे
को
मानता
हूँ
हर
पर्दा
पर्दा
नइँ
होता
इतना
मैं
भी
जानता
हूँ
Ali Zaryoun
Send
Download Image
77 Likes
Read More
जिसके
साथ
थोड़ा
भी
लगाव
किया
उसके
होंठ
पर
गहरा
सा
घाव
किया
Shadab khan
Send
Download Image
3 Likes
ये
और
बात
है
कोई
गिन
नहीं
रहा
है
ये
वक़्त
ख़ास
जो
तेरे
बिन
नहीं
रहा
है
Shadab khan
Send
Download Image
3 Likes
वो
बिछड़ने
पे
भी
दिखाई
दे
इश्क़
ऐसी
नहीं
रिहाई
दे
छू
ले
गर
वो
मैं
ठीक
हो
जाऊँ
जाने
क्यूँ
हफ्तों
तक
दवाई
दे
घंटों
ख़ामोश
फोन
पर
हो
तुम
बात
क्लियर
मुझे
सुनाई
दे
ज़ख़्म
की
देख
भाल
क्यूँ
हो
अब
इक
भरे
दूसरा
दुहाई
दे
कौन
देता
ग़रीब
को
इज़्ज़त
तू
अमीरों
को
ही
बधाई
दे
Read Full
Shadab khan
Download Image
3 Likes
हल्के
हल्के
ही
से
तेरा
जुनून
निकलेगा
फिर
भी
आई
याद
अब
आँखों
से
ख़ून
निकलेगा
Shadab khan
Send
Download Image
3 Likes
हर
पल
उसके
साथ
बिताना
चाहता
हूँ
उसको
मैं
हर
बात
बताना
चाहता
हूँ
Shadab khan
Send
Download Image
6 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Diwali Shayari
Nazar Shayari
Masti Shayari
Rang Shayari
Lab Shayari