kahaan kisi ko kabhi dikhe hain udaas chehre | कहाँ किसी को कभी दिखे हैं उदास चेहरे

  - SHABAN NAZIR
कहाँकिसीकोकभीदिखेहैंउदासचेहरे
तमामचेहरोंमेंछिपगएहैंउदासचेहरे
येख़ुश-ख़िसालीकाबसनहींहैसमझलेमुझको
मिरीउदासीसमझरहेहैंउदासचेहरे
उदासहोनाबुरानहींहैयेख़ूबसमझो
यक़ीनजानोनहींबुरेहैंउदासचेहरे
भलेहज़ारोंपहनकेआओनएमुखौटे
मिरीनज़रसेनहींछिपेहैंउदासचेहरे
कभीजोखुलकरकेरोलिएथेवोआजख़ुशहैं
मगरजोचुपथेवोबनचुकेहैंउदासचेहरे
येबातसचहैबुझे-बुझेहैंहसीनचेहरे
मगरयेक्याहैखिले-खिलेहैंउदासचेहरे
  - SHABAN NAZIR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy