hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Sanjay Bhat
main bahte bahte chal raha hooñ
main bahte bahte chal raha hooñ | मैं बहते बहते चल रहा हूँ
- Sanjay Bhat
मैं
बहते
बहते
चल
रहा
हूँ
तेरी
जानिब
निकल
रहा
हूँ
तपता
है
अब
ये
जिस्म
मेरा
तेरी
ख़्वाहिश
में
जल
रहा
हूँ
बद-हाल
हूँ
मैं
कोई
सजाए
मैं
मिट्टी
का
हूँ
गल
रहा
हूँ
हसरत
न
कोई
कमर
झुकी
सी
मिट्टी
छूने
निकल
रहा
हूँ
तक़दीर
से
खेलना
है
मुझ
को
बच्चों
की
तरह
मचल
रहा
हूँ
- Sanjay Bhat
Download Ghazal Image
हम
जानते
तो
इश्क़
न
करते
किसू
के
साथ
ले
जाते
दिल
को
ख़ाक
में
इस
आरज़ू
के
साथ
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
36 Likes
मुझे
ये
डर
है
तेरी
आरज़ू
न
मिट
जाए
बहुत
दिनों
से
तबीअत
मिरी
उदास
नहीं
Nasir Kazmi
Send
Download Image
35 Likes
इक
नई
क़िस्म
तलाशी
गई
है
फूलों
की
मेरी
हसरत
है
उसे
नाम
तुम्हारा
मिल
जाए
Vishnu virat
Send
Download Image
28 Likes
कभी
तो
मुझे
छोड़
जाओगे
तुम
भी
कहोगे
मुझे
अब
कि
फुर्सत
नहीं
है
भला
इस
तरह
क्यूँ
सताने
लगे
हो
कहीं
छोड़
जाने
की
हसरत
नहीं
है
Read Full
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
ग़म-ए-हयात
ने
आवारा
कर
दिया
वर्ना
थी
आरज़ू
कि
तिरे
दर
पे
सुब्ह
ओ
शाम
करें
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
32 Likes
कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
Send
Download Image
39 Likes
वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
Send
Download Image
24 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
न
जी
भर
के
देखा
न
कुछ
बात
की
बड़ी
आरज़ू
थी
मुलाक़ात
की
Bashir Badr
Send
Download Image
56 Likes
इक
तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल
है
सो
वो
उन
को
मुबारक
इक
अर्ज़-ए-तमन्ना
है
सो
हम
करते
रहेंगे
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
37 Likes
Read More
कुछ
लोग
तो
पामाल
रस्तों
से
गुज़र
जाते
हैं
और
हम
हैं
कि
अच्छे
रास्तों
पर
भी
फिसलते
जाते
हैं
Sanjay Bhat
Send
Download Image
1 Like
गुल
जो
दिखे
तो
खिल
जाता
हूँ
आती
है
ख़ुशबू
किस
की
जिस
की
ख़ुशबू
आह
में
और
तबस्सुम
में
है
हँसी
जिस
की
Sanjay Bhat
Send
Download Image
1 Like
कहा
न
जो
ज़बान
से
नज़र
ने
वो
तो
कह
दिया
नज़र
जो
तुम
झुका
गए
कहा
भी
दिल
में
रह
गया
Sanjay Bhat
Send
Download Image
1 Like
पहले
ख़ास
तो
आम
तो
फिर
बदनाम
हुए
साँसें
चलती
हैं
हम
कब
के
तमाम
हुए
Sanjay Bhat
Send
Download Image
2 Likes
अना
को
कुछ
इस
तरह
से
मात
कर
लो
ज़बाँ
से
नहीं
दिल
से
कुछ
बात
कर
लो
चुभन
है
बहुत
चाँद
की
रौशनी
में
जला
के
दिया
नर्म
ये
रात
कर
लो
कसे
हैं
बहुत
तंज़
इस
ज़िंदगी
ने
लड़ो
ज़िंदगी
से
इसे
घात
कर
लो
वो
हमदर्द
इंसाँ
बचे
ही
कहाँ
हैं
फ़रिश्ता-सिफ़त
ख़ुद
की
ही
ज़ात
कर
लो
Read Full
Sanjay Bhat
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aadat Shayari
Beti Shayari
Gareebi Shayari
Tanz Shayari
Sardi Shayari