ham ko KHabar na thii ki ha | हम को ख़बर न थी कि हमें दर्द क्या मिला

  - Sanjay Bhat
हमकोख़बरथीकिहमेंदर्दक्यामिला
देखाजोपीठकोतोतिराहीछुरामिला
मैंढूँढनेचलाथामोहब्बतकाजोनिशाँ
दिलहाएवोतोराहमेंबे-ख़ुदपड़ामिला
क्याकुछगुज़ररहीहैकिसीदिलपेदेखिए
इसकोतोदर्दकोईबहुतबे-मज़ामिला
इकरंगमंचसीहोगईहैयेज़िन्दगी
उसपरसितमयेहैकितुम्हेंमुद्दआमिला
चारोंतरफ़सेआगबरसतीथीहमपेतब
हैशुक्रअबतिराकितिराआसरामिला
यूँँतोबहुतसेलोगमिलेराहमेंहमें
लेकिनजोभीमिलावोबहुतबे-वफ़ामिला
गुलकामिज़ाजदेखकेखिलताहैमेरादिल
काँटोंमेंभीदिखावोअगरतोखिलामिला
हरपेड़परनज़रहैज़मानेकीदेरसे
क्याख़ूबयेपरिंदकोघरबे-रिदामिला
  - Sanjay Bhat
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