kaash | "काश"

  - Surendra Bhatia "Salil"
"काश"
काशमैंवक़्तकीसुइयोंकोउल्टीचालदेपाता
नहींमुझकोनहींकोईदर्ददेतेहर्फ़मिटाने
हीकोईबेरहमसीयादयादोंसेमिटानीहै
मुझेबसफिरसेजीनाहैतेरेमेरेउनलम्होंको
जिन्हेंबीतेहुएभीएकमुद्दतबीतनेकोहै
मुझेबसफिरसेसुननीहैफ़ज़ूलीगुफ़्तगूअपनी
जोअबभीकानकेपरदोंमेंअक्सरगूँजतीसीहै
मुझेबसफिरसेछूनाहैतेरेनाज़ुकसेगालोंको
केजिनपरकेवोनन्हीशरारतबिखरजातीथी
काशमैंवक़्तकीसुइयोंकोउल्टीचालदेपाता
  - Surendra Bhatia "Salil"
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