khule jo aankh utarne men waqt leta hai | खुले जो आँख उतरने में वक़्त लेता है

  - Surendra Bhatia "Salil"
खुलेजोआँखउतरनेमेंवक़्तलेताहै
कोईभीख़्वाबहोमरनेमेंवक़्तलेताहै
हैअबभीउससेमोहब्बततोमसअलाकैसा
होघावगहरातोभरनेमेंवक़्तलेताहै
तेरीतोयादकोभीशाममेंबुलातेहैं
येवक़्त-ए-शामगुज़रनेमेंवक़्तलेताहै
मेरीख़तानहींकोईयेदेरीजाएज़है
वोमेरायारसँवरनेमेंवक़्तलेताहै
जोइश्क़इश्क़कहेजारहेहैंहसरतको
येइश्क़हदसेगुज़रनेमेंवक़्तलेताहै
जोदेखलेमेरीआँखेंवहीकहेमुझसेे
येजोनशाहैउतरनेमेंवक़्तलेताहै
कोईडगरभीअबउसकीतरफ़नहींजाती
वोभीइधरसेगुज़रनेमेंवक़्तलेताहै
  - Surendra Bhatia "Salil"
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy