मुझे बाहरस देखो सब नया है

  - Surendra Bhatia "Salil"
मुझेबाहरसदेखोसबनयाहै
मगरभीतरपुरानामसअलाहै
मैंख़ामोशीकेरौलेसेहूँआजिज़
येमेरेकानमेंचुभनेलगाहै
तुम्हींसेपूछकरदेंगेदग़ाभी
तुम्हारेसाथऐसाराब्ताहै
कहानीख़त्मकरकेरहाहूँ
परइककिरदारअंदररहगयाहै
नहींदेखाहैख़ुदकाख़ुदसादुश्मन
मुझेख़तराहीअपनेआपकाहै
चलेजाएँगेतेरीबज़्मसेभी
यहाँतेरेसिवाअबक्याबचाहै
यक़ीननमौतकीआग़ोशहैये
कोईज़िंदासुकूँसेसोसकाहै
कुएँमेंपाँवडालेहैं'सलिल'और
कहाँडूबूँयेमुझसेपूछताहै
  - Surendra Bhatia "Salil"
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