फ़िराक़-ए-यारमुझेरातभरसतातारहा
कभीहँसातारहाऔरकभीरुलातारहा
तमामउम्रमैंजिसशख़्सकोभुलातारहा
तमामउम्रवहीशख़्सयादआतारहा
वोकहगयाथाकिअबख़्वाबमेंमिलेगामुझे
तमामउम्रमैंफिरनींदकोबुलातारहा
अजीबलोगथेकाँटोंसेबचकेचलतेथे
तमामउम्रमैंफूलोंसेज़ख़्मखातारहा
सवालउनकाहैउनकेलिएकियाक्याहै
तमामउम्रमैंजिनकेलिएकमातारहा
सज़ातोमिलनीथीमुझकोमेरेउसूलोंकी
तमामउम्रग़लतकोग़लतबतातारहा