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Sachin Sharma
raah chalte hue mafia mil gaya
raah chalte hue mafia mil gaya | राह चलते हुए माफ़िया मिल गया
- Sachin Sharma
राह
चलते
हुए
माफ़िया
मिल
गया
खोली
लट
उस
ने
बस
क़ाफ़िया
मिल
गया
झील
आँखें,
नदी
है
कमर
प्यार
की
सारा
का
सारा
जुग़राफ़िया
मिल
गया
इतना
विश्वास
है
हम
को
तुझ
पर
सनम
उस
ख़ुदा
की
क़सम
साफ़िया
मिल
गया
- Sachin Sharma
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मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
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Anurag Pandey
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तुम्हारे
पास
आते
हैं
तो
साँसें
भीग
जाती
हैं
मोहब्बत
इतनी
मिलती
है
कि
आँखें
भीग
जाती
हैं
तबस्सुम
इत्र
जैसा
है
हँसी
बरसात
जैसी
है
वो
जब
भी
बात
करती
है
तो
बातें
भीग
जाती
हैं
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Aalok Shrivastav
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आसमाँ
इतनी
बुलंदी
पे
जो
इतराता
है
भूल
जाता
है
ज़मीं
से
ही
नज़र
आता
है
Waseem Barelvi
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उतर
गया
है
चेहरा
तेरे
जाने
से
लॉक
नहीं
खुलता
है
अब
मोबाइल
का
Tanoj Dadhich
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मुझको
ये
नज़र
आया
के
वो
एक
बला
है
कुछ
ख़्वाब
है
कुछ
अस्ल
है
कुछ
तर्ज
-ए-
अदा
है
वो
ग़ैर
की
आग़ोश
में
रहने
लगा
शादाँ
उसको
नहीं
मालूम
के
दिल
मेरा
जला
है
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Navneet krishna
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मुझे
आँखें
दिखाकर
बोलती
है
चुप
रहो
भैया
बहिन
छोटी
भले
हो
बात
वो
अम्मा
सी
करती
है
Divy Kamaldhwaj
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मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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उस
के
फ़रोग़-ए-हुस्न
से
झमके
है
सब
में
नूर
शम-ए-हरम
हो
या
हो
दिया
सोमनात
का
Meer Taqi Meer
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लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
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Azm Shakri
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चाहिए
जिगरा
क़लम
खू़ँ
में
डुबाने
के
लिए
पी
लो
बातें
जौन
ख़ुद
को
ही
बनाने
के
लिए
Sachin Sharma
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हर
ख़तरे
का
सिम्बल
हूँ
मैं
अच्छा
भला
पागल
हूँ
मैं
अर्जुन
नहीं
जीतेगा
अब
तेरा
कवच
कुंडल
हूँ
मैं
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Sachin Sharma
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कि
जाहिलों
से
बड़ी
अदब
से
मैं
पेश
आऊँ
ग़लत
सुना
है
मिरा
ये
तर्ज़
ए
अमल
नहीं
है
Sachin Sharma
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हम
तो
चाह
रहे
हैं
नज़र
लग
जाए
पर
चेहरे
का
तिल
दरबान
बना
है
Sachin Sharma
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कॉपी
और
पेस्ट
कर
रहा
हूँ
मैं
तुम
को
अर्जेस्ट
कर
रहा
हूँ
मैं
घर
पे
तुम
भी
मना
लो
पापा
को
माँ
से
रिक्वेस्ट
कर
रहा
हूँ
मैं
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Sachin Sharma
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