उसनेहमारीजानिबदेखातोकमबनेंगे
परयेनहींहुआतोलाखोंहीग़मबनेंगे
दिनरातमैंइसीमेंरहताहूँमुब्तला,कब
चौख़टपेमेरेघरकीउसकेकदमबनेंगे
उसकीछुअनकोयारोंयेमो'जिज़ाअताहै
रखदेजहाँभीपाओंबाग़-ए-इरमबनेंगे
हिजरतके,राब्तोंके,इंसानीचाहतोंके
उससेेहीपूछकरतोसारेनियमबनेंगे
उसजैसेहमकहींसेथोड़ाभीबनसकेतो
येलिखकेदेरहेहैं,उसकीक़सम,बनेंगे