yuñ zindagi men raushni laata raha hooñ main | यूँँ ज़िंदगी में रौशनी लाता रहा हूँ मैं

  - Rohit tewatia 'Ishq'
यूँँज़िंदगीमेंरौशनीलातारहाहूँमैं
अक्सरउसीकेख़्वाबसजातारहाहूँमैं
ता'उम्रउसकोठीकसेइकख़तलिखसका
बसकाग़ज़ोंकीनावबनातारहाहूँमैं
जिसबातकाजवाबनहींवोसवालकर
धड़कनकिसीकेदिलकीबढ़ातारहाहूँमैं
मानाकिइकख़राशनहींजिस्मपेमेरे
इसरूहकोतोछतसेगिरातारहाहूँमैं
देकरसभीकोउनकीमोहब्बतकावास्ता
टूटेदिलोंकोफिरसेमिलातारहाहूँमैं
मुझसेेभीकोईराहकबअंजानरहसकी
हरसम्तउसकोढूँढनेजातारहाहूँमैं
सबकीख़ुशीमेंख़ुशहुआअपनीख़ुशीसमझ
अपनेग़मोंकोसबसेेछुपातारहाहूँमैं
आवाज़-ए-इश्क़दबगईनफ़रतकेशोरमें
ख़ामोशियोंकोसुनतासुनातारहाहूँमैं
  - Rohit tewatia 'Ishq'
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