रोतेहुएमाँबापकोलाचारछोड़कर
परदेशमेंहमआगएघरबारछोड़कर
तूहीतोइकबचाथामेराइसजहानमें
अबतूभीजारहाहैमेरेयारछोड़कर
पहलेतोतितलियोंनेबसायाचमनयहाँ
फिरतितलियांहीउड़गईंगुलज़ारछोड़कर
नाटकयेज़िंदगीकानहींभारहामुझे
सोजारहाहूँबीचमेंकिरदारछोड़कर
जैसेकिपत्तियाँहोंमगरफूलहीनहीं
वैसेहीसबमिलाहैहमेंप्यारछोड़कर
अच्छाहोजोयेदिलभीजलादोसनममेरा
जातेनहींसबूतगुनहगारछोड़कर
तुमसेेयेनौकरीभीभलाछूटतीनहीं
मैंआरहाहूँशाहकादरबारछोड़कर