लटकचुकाथामैंतुमसेबिछड़केपँखेपर
उठायाआकेमुझेशा'इरीनेकाँधेपर
कभीजोपूरेकेपूरेचमनकामालिकथा
उसीनेकरलियासमझौताएकगमलेपर
येराह-ए-इश्क़ज़राभीसहलनहींहोती
मैंचलरहाहूँबहुतहीमहीनधागेपर
यहाँजोरहनाहैचेहरेबदलनासीखोफिर
यहाँगुज़ारानहींहोगाएकचेहरेपर
तमामउम्रवोशीशोंसेदूरभागेगा
हमाराख़ूनलगादेनाजजकेमाथेपर
सहाराउसकोबुढ़ापेमेंबेटीनेबख़्शा
ग़ुरूरथाजिसेअपनेजवानबेटेपर