kah nahin saktaa muhabbat ho rahi hai | कह नहीं सकता मुहब्बत हो रही है

  - Rehan Mirza
कहनहींसकतामुहब्बतहोरहीहै
मुझकोलेकिनतेरीआदतहोरहीहै
तेरेदरियाओंपेलानतहोरहीहै
दश्तमेंप्यासोंकीइज़्ज़तहोरहीहै
ख़ूब-सूरतलोगमारेजारहेहैं
दुनियाकितनीबे-मुरव्वतहोरहीहै
दिन-ब-दिनमैंशे'रअच्छेकहरहाहूँ
दिन-ब-दिनतूख़ूब-सूरतहोरहीहै
रंगभीअबतेरेमेरेहोगएहैं
फूलोंपरजमकरसियासतहोरहीहै
लबउदासीकेसबबसूखेहुएहैं
मुस्करानेमेंअज़िय्यतहोरहीहै
  - Rehan Mirza
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