hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ravi 'VEER'
zaroorat kya bhala us aaine men jhaankne ki hai
zaroorat kya bhala us aaine men jhaankne ki hai | ज़रूरत क्या भला उस आइने में झाँकने की है
- Ravi 'VEER'
ज़रूरत
क्या
भला
उस
आइने
में
झाँकने
की
है
मुझे
लगता
है
जैसे
हुस्न
आकर
रुक
गया
तुम
पर
- Ravi 'VEER'
Download Sher Image
कभी
देखा
नहीं
जिसने
बदन
के
आगे
कुछ
भी
भला
वो
क्यूँ
मुहब्बत
जावेदाना
ढूँढता
है
Chandan Sharma
Send
Download Image
0 Likes
अब
सुलगती
है
हथेली
तो
ख़याल
आता
है
वो
बदन
सिर्फ़
निहारा
भी
तो
जा
सकता
था
Ameer Imam
Send
Download Image
35 Likes
है
उस
बदन
की
लत
मुझे
सो
दूसरा
बदन
अच्छा
तो
लग
रहा
है
मेरे
काम
का
नहीं
Vishnu virat
Send
Download Image
44 Likes
सख़्त
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
रूह
मिरी
जिस्म-ए-यार
आ
कि
बेचारी
को
सहारा
मिल
जाए
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
33 Likes
तमाम
जिस्म
को
आँखें
बना
के
राह
तको
तमाम
खेल
मुहब्बत
में
इंतिज़ार
का
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
46 Likes
बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
Send
Download Image
28 Likes
मेरे
जिस्म
से
वक़्त
ने
कपड़े
नोच
लिए
मंज़र
मंज़र
ख़ुद
मेरी
पोशाक
हुआ
Azm Shakri
Send
Download Image
23 Likes
मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
5 Likes
सर्दी
है
कि
इस
जिस्म
से
फिर
भी
नहीं
जाती
सूरज
है
कि
मुद्दत
से
मिरे
सर
पर
खड़ा
है
Fakhr Zaman
Send
Download Image
34 Likes
बदन
के
दोनों
किनारों
से
जल
रहा
हूँ
मैं
कि
छू
रहा
हूँ
तुझे
और
पिघल
रहा
हूँ
मैं
Irfan Siddiqi
Send
Download Image
50 Likes
Read More
चार
दिन
की
ज़िंदगी
जिस
में
यहाँ
रह
गए
हैं
दो
ही
दिन
मेरे
लिए
Read Full
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
मैं
ही
'आशिक़
होता
तो
मुझको
ही
पागल
कहते
सब
लेकिन
उसकी
चाहत
की
सबको
बीमारी
लगती
है
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
5 Likes
अब
मुहब्बत
की
दु'आ
मत
दीजिये
जो
हुआ
इक
हादसा
काफ़ी
रहा
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
0 Likes
ख़ून
पसीना
दोनों
मिलकर
रोटी
बनके
आते
हैं
तब
जाकर
के
रोज़
हमारी
भूख
कहीं
मिट
पाती
है
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
2 Likes
तेरे
लब-ओ-रुख़्सार
पर
तो
मरते
होंगे
लोग
जान
लुटाने
तक
कि
बातें
गढ़ते
होंगे
लोग
हम
करते
है
इश्क़
तुम्हारी
सीरत
से
लेकिन
सूरत,
ज़ुल्फ़ें,
आँखें,
काजल
करते
होंगे
लोग
Read Full
Ravi 'VEER'
Send
Download Image
5 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aansoo Shayari
Dipawali Shayari
Afsos Shayari
Basant Shayari
Garmi Shayari