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Ravi 'VEER'
main bhala kab tak teri tasveer hi dekha karoon
main bhala kab tak teri tasveer hi dekha karoon | मैं भला कब तक तेरी तस्वीर ही देखा करूँँ
- Ravi 'VEER'
मैं
भला
कब
तक
तेरी
तस्वीर
ही
देखा
करूँँ
तू
कभी
तो
रु-ब-रु
होकर
मुझे
आराम
दे
- Ravi 'VEER'
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फ़र्क़
इतना
है
कि
तू
पर्दे
में
और
मैं
बे-हिजाब
वर्ना
मैं
अक्स-ए-मुकम्मल
हूँ
तिरी
तस्वीर
का
Asad Bhopali
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ज़िंदगी
भर
के
लिए
रूठ
के
जाने
वाले
मैं
अभी
तक
तिरी
तस्वीर
लिए
बैठा
हूँ
Qaisar-ul-Jafri
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दिल्ली
के
न
थे
कूचे
औराक़-ए-मुसव्वर
थे
जो
शक्ल
नज़र
आई
तस्वीर
नज़र
आई
Meer Taqi Meer
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तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
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Siddharth Saaz
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भेज
देता
हूँ
मगर
पहले
बता
दूँ
तुझ
को
मुझ
से
मिलता
नहीं
कोई
मिरी
तस्वीर
के
बाद
Umair Najmi
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मैं
ने
तो
यूँँही
राख
में
फेरी
थीं
उँगलियाँ
देखा
जो
ग़ौर
से
तिरी
तस्वीर
बन
गई
Saleem Betab
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पहले
दिल
से
नक़्श
मिटाये
जाते
हैं
मेज़
से
फिर
तस्वीर
हटा
दी
जाती
है
Rao Nasir
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रात
भर
ता'रीफ़
मैंने
की
तुम्हारे
रूप
की
चाँद
इतना
जल
गया
सुनकर
कि
सूरज
हो
गया
Chandan Rai
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अपने
जैसी
कोई
तस्वीर
बनानी
थी
मुझे
मिरे
अंदर
से
सभी
रंग
तुम्हारे
निकले
Salim Saleem
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Bilal Ameer Ahmad
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बहुत
नादान
लड़की
है
मेरे
घर
रोज़
आकर
के
अदा
देखो
मेरी
माँ
को
वो
माँ
कहकर
बुलाती
है
Ravi 'VEER'
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लगता
है
मेरी
बगियाँ
में
गुल
का
खिलना
मुश्किल
है
सारी
दुनियाँ
पा
लूँ
लेकिन
उसका
मिलना
मुश्किल
है
Ravi 'VEER'
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इक
नया
पत्ता
'शजर'
में
आ
गया
है
साल
दोबारा
ख़बर
में
आ
गया
है
मुफ़लिसी
के
दौर
में
मुश्किल
बढ़ाने
इक
नया
मेहमान
घर
में
आ
गया
है
अब
कहाँ
है
नीम
वो
आँगन
पुराने
गाँव
तो
सारा
शहर
में
आ
गया
है
इश्क़
के
किस्से
हुए
है
आम
जब
से
हर
तरफ़
शायर
नज़र
में
आ
गया
है
रात
भर
जिसने
रुलाया
था
मुझे,
वो
लौटकर
मिलने
सहर
में
आ
गया
है
'वीर'
कैसे
पार
अब
वो
आएगा,
जो
इश्क़
की
क़ातिल
लहर
में
आ
गया
है
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Ravi 'VEER'
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वतन
में
है
नहीं
कोई
भी
हिंदुस्तान
के
जैसा
मुझे
मेरा
वतन
मेरी
ज़मीन-ए-हिंद
प्यारी
है
कईं
सारे
यहाँ
पर
रंग
भाषा
और
कलाओं
के
हमारा
मान
और
पहचान
ये
हिंदी
हमारी
है
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Ravi 'VEER'
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मैं
ही
'आशिक़
होता
तो
मुझको
ही
पागल
कहते
सब
लेकिन
उसकी
चाहत
की
सबको
बीमारी
लगती
है
Ravi 'VEER'
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