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Ravi 'VEER'
jeevan bhi miTTi ka ek khilauna hai
jeevan bhi miTTi ka ek khilauna hai | जीवन भी मिट्टी का एक खिलौना है
- Ravi 'VEER'
जीवन
भी
मिट्टी
का
एक
खिलौना
है
इक
दिन
तो
सबको
ही
रुख़सत
होना
है
आज
बिता
लो
हँसते
गाते
तुम
यारों
किसने
जाना
कल
को
क्या-क्या
होना
है
- Ravi 'VEER'
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लटकन
झटकन
ओढ़
मटकते
एक
परी
का
दिख
जाना,
प्लेन
गुजरने
पर
बचपन
के
ख़ुश
होने
सा
लगता
है!
बिन्दी,
लिपस्टिक,
चूड़ी,
कंगन
और
किनारा
साड़ी
का,
लाल
कलर
पर
कब्ज़ा
अय
हय
कितना
अच्छा
लगता
है!
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Atul K Rai
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हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
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मिरी
जो
शख़्सियत
है
उसको
माँ
ने
ही
तराशा
है
मिरा
बचपन
जहाँ
बीता
था
उस
घर
का
किराया
हूँ
Amaan Pathan
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इंसानों
को
जलवाएगी
कल
इस
से
ये
दुनिया
जो
बच्चा
खिलौना
भी
ज़मीं
पर
नहीं
रखता
Munawwar Rana
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क्या
सितम
करते
हैं
मिट्टी
के
खिलौने
वाले
राम
को
रक्खे
हुए
बैठे
हैं
रावण
के
क़रीब
Asghar Mehdi Hosh
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तुम
माँग
रहे
हो
मेरे
दिल
से
मेरी
ख़्वाहिश
बच्चा
तो
कभी
अपने
खिलौने
नहीं
देता
Abbas Tabish
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बूढ़ी
माँ
का
शायद
लौट
आया
बचपन
गुड़ियों
का
अम्बार
लगा
कर
बैठ
गई
Irshad Khan Sikandar
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बचपन
कितना
प्यारा
था
जब
दिल
को
यक़ीं
आ
जाता
था
मरते
हैं
तो
बन
जाते
हैं
आसमान
के
तारे
लोग
Azra Naqvi
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इक
खिलौना
टूट
जाएगा
नया
मिल
जाएगा
मैं
नहीं
तो
कोई
तुझ
को
दूसरा
मिल
जाएगा
Adeem Hashmi
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घर
लौट
के
रोएँगे
माँ
बाप
अकेले
में
मिट्टी
के
खिलौने
भी
सस्ते
न
थे
मेले
में
Qaisar-ul-Jafri
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ज़मीं
पर
आप
हो
तो
कौन
चाहे
बिना
मतलब
उड़ानें
आसमाँ
की
Ravi 'VEER'
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इस
फ़रेबी
से
जहाँ
में
ढूँढ़
लो
तुम
भी
कोई
जो
तुम्हारे
आँसुओं
को
देखकर
रोने
लगे
Ravi 'VEER'
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कामकाजी
हो
गए
हैं
यार
हम
सो
तेरा
ग़म
अब
नहीं
खलता
हमें
Ravi 'VEER'
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ज़ख़्म
सीने
पर
दिए
जो
याद
हमको
आज
भी
बुज़दिलों
के
कारना
में
भूल
कैसे
जाए
हम
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Ravi 'VEER'
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पल
भर
सजा
के
ज़िन्दगी
जिसने
उजाड़
दी
दुल्हन
की
तरह
आज
सजाया
गया
उसे
Ravi 'VEER'
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