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Ravi 'VEER'
kal achaanak waqiya ye ho gaya
kal achaanak waqiya ye ho gaya | कल अचानक वाक़िया ये हो गया
- Ravi 'VEER'
कल
अचानक
वाक़िया
ये
हो
गया
मैं
तबस्सुम
देख
उसकी
खो
गया
उसकी
आँखें
नींद
मेरी
ले
गई
फिर
न
जाने
कब
सवेरा
हो
गया
वो
वहाँ
बिस्तर
में
सोई
थी
मगर
एक
पागल
सीढ़ियों
पर
सो
गया
- Ravi 'VEER'
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मेरे
दाँतों
के
भिंचने
से
मेरे
ग़ुस्से
को
मत
आँको
मैं
अपने
होंठ
भी
भींचूँगा
तो
विस्फोट
कर
दूँगा
Dr. Rahul Awasthi
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पूछ
मुझ
सेे
कि
तेरे
होंठ
पे
तिल
है
क्यूँँ
कर
ऐसा
नुक़्ता
कहीं
नादान
समझते
होंगे
Ameer Imam
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नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
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एक
दम
उस
के
होंट
चूम
लिए
ये
मुझे
बैठे
बैठे
क्या
सूझी
Nasir Kazmi
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ज़िंदगी
कितनी
मसर्रत
से
गुज़रती
या
रब
ऐश
की
तरह
अगर
ग़म
भी
गवारा
होता
Akhtar Shirani
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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अब
नमक
कैसे
नमक
होगा
मिरी
जाँ
होंठ
से
लगकर
तिरे
शक्कर
बना
है
Neeraj Neer
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काश
मैं
पूछूँ
कभी
मीठे
में
क्या
है
वो
बिना
सोचे
कहे
लो
होंठ
मेरे
Neeraj Neer
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हमारी
मुस्कुराहट
पर
न
जाना
दिया
तो
क़ब्र
पर
भी
जल
रहा
है
Aanis Moin
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इतना
सच
बोल
कि
होंटों
का
तबस्सुम
न
बुझे
रौशनी
ख़त्म
न
कर
आगे
अँधेरा
होगा
Nida Fazli
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होश
में
रहे
कैसे
इश्क़
का
नशा
करके
होश
जो
हमें
आए
फिर
नशा
बुलाता
है
Ravi 'VEER'
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बातें
तुमको
भाती
होगी
इश्क़,
मुहब्बत,
प्यार
की
लेकिन
क्या
सुध
ली
है
तुमने
अपने
भी
घर
बार
की
Ravi 'VEER'
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उस
लड़के
की
बाँहों
में
वो
लड़की
देख
रहे
हो
ना
उसको
बाहों
में
लेकर
इक
बार
बहुत
रोया
था
मैं
Ravi 'VEER'
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मुझे
लगता
रहा
रस्ते
बहुत
आसान
होंगे
पर
चला
जब
मैं
तो
काँटे
फूल
से
ज़्यादा
मिले
मुझको
Ravi 'VEER'
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पत्थर
को
पिघला
सकता
हूँ
सूखा
फूल
खिला
सकता
हूँ
तुम
ग़फ़लत
में
हो
मेरी
जाँ
तुमको
आज
भुला
सकता
हूँ
तुमने
मेरे
ख़त
फाड़े
हैं
मैं
भी
आग
लगा
सकता
हूँ
नाम
तेरा
महफ़िल
में
लेकर
सबके
होश
उड़ा
सकता
हूँ
मुझ
सेे
इश्क़
नहीं
करना
तुम
मैं
तुमको
उलझा
सकता
हूँ
सब
कहते
है
पागल
हूँ
मैं
किसको
आख़िर
भा
सकता
हूँ
वीर
कहानी
कैसी
भी
हो
मैं
किरदार
में
आ
सकता
हूँ
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Ravi 'VEER'
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