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Raunak Karn
nahin socha jahaan ilzaam ab ham par lagaane men
nahin socha jahaan ilzaam ab ham par lagaane men | नहीं सोचा जहाँ इल्ज़ाम अब हम पर लगाने में
- Raunak Karn
नहीं
सोचा
जहाँ
इल्ज़ाम
अब
हम
पर
लगाने
में
लगे
थे
हम
हक़ीक़त
यार
अब
सबको
बताने
में
ख़ुशी
दी
थी
सभी
को
खेल
भी
खेले
बहुत
सारे
मगर
सबने
कसर
कोई
न
छोड़ी
है
सताने
में
- Raunak Karn
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हुनर
से
काम
लिया
पेंट
ब्रश
नहीं
तोड़ा
बना
लिया
तेरे
जैसा
ही
कोई
रंगों
से
मुझे
ये
डर
है
कि
मिल
जाएगी
तो
रो
दूँगा
मैं
जिस
ख़ुशी
को
तरसता
रहा
हूँ
बरसों
से
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Rahul Gurjar
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ख़ुशी
की
बात
और
है
ग़मों
की
बात
और
तुम्हारी
बात
और
है
हमारी
बात
और
Anwar Taban
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तेरे
सिवा
भी
कई
रंग
ख़ुश
नज़र
थे
मगर
जो
तुझको
देख
चुका
हो
वो
और
क्या
देखे
Parveen Shakir
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कौन
सी
बात
कहाँ
कैसे
कही
जाती
है
ये
सलीक़ा
हो
तो
हर
बात
सुनी
जाती
है
एक
बिगड़ी
हुई
औलाद
भला
क्या
जाने
कैसे
माँ-बाप
के
होंठों
से
हँसी
जाती
है
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Waseem Barelvi
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अश्क
माँ
के
जो
ख़ुशी
से
गिरे
तो
हैं
मोती
और
छलके
जो
ग़मों
से
तो
लहू
हो
जाए
S M Afzal Imam
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'मीर'
हम
मिल
के
बहुत
ख़ुश
हुए
तुम
से
प्यारे
इस
ख़राबे
में
मिरी
जान
तुम
आबाद
रहो
Meer Taqi Meer
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सब
का
ख़ुशी
से
फ़ासला
एक
क़दम
है
हर
घर
में
बस
एक
ही
कमरा
कम
है
Javed Akhtar
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साल
के
तीन
सौ
पैंसठ
दिन
में
एक
भी
रात
नहीं
है
उसकी
वो
मुझे
छोड़
दे
और
ख़ुश
भी
रहे
इतनी
औक़ात
नहीं
है
उसकी
Muzdum Khan
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
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हवा
में
धूल
के
जैसे
यही
ग़म
जो
मचलता
है
हमें
ये
देखते
ही
यार
अब
तो
साथ
चलता
है
Raunak Karn
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प्यार
को
दिल
को
कहीं
पे
छोड़
आए
टूटने
वाले
सभी
शय
तोड़
आए
थे
यहाँ
बैचेन
ग़म
के
ही
बिना
हम
आज
फिर
दिल
में
न
ग़म
बेजोड़
आए
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Raunak Karn
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भुला
तुम
अब
रहे
हो
क्या
हमें,
यूँँ
ख़याल
आया
हमीं
से
अब
बिछड़ने
का
इरादा
कर
लिया
क्या?
Raunak Karn
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धीरे
धीरे
से
ही
मगर
चमक
तो
आता
है
धीरे
धीरे
से
ही
मगर
गमक
तो
आता
है
Raunak Karn
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मुस्कुराते
दर्द
के
साथ
है
हम
लेकिन
क्यूँ
मेरी
निगाहें
ये
भरी
रहती
है
Raunak Karn
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