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Raunak Karn
bhool jaao tum use
bhool jaao tum use | भूल जाओ तुम उसे
- Raunak Karn
भूल
जाओ
तुम
उसे
अब
न
चाहो
तुम
उसे
क्या
हुआ
था
प्यार
में
सच
बताओ
तुम
उसे
चैन
से
सोना
है
जो
फिर
भुलाओ
तुम
उसे।
तोड़ना
है
दिल
अगर
ये
सिखाओ
तुम
उसे
छोड़
देते
हैं
सभी
पर
मनाओ
तुम
उसे
- Raunak Karn
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वो
रातें
चाँद
के
साथ
गईं
वो
बातें
चाँद
के
साथ
गईं
अब
सुख
के
सपने
क्या
देखें
जब
दुख
का
सूरज
सर
पर
हो
Ibn E Insha
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ग़म
है
तो
कोई
लुत्फ़
नहीं
बिस्तर-ए-गुल
पर
जी
ख़ुश
है
तो
काँटों
पे
भी
आराम
बहुत
है
Kaleem Aajiz
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हुस्न
उनका
सादगी
में
कुछ
अलग
महका
किया
मैंने
धड़कन
से
कहा
धड़को
मगर
आराम
से
Ishq Allahabadi
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अब
आ
भी
जाओ
के
सुकूंँ
मिले
मुझे
अगर
जो
जाना
था
तो
क्यूँँंँ
मिले
मुझे
ज़माना
हो
न
हो
रकी़ब
बीच
में
तू
अब
कभी
मिले
तो
यूँंँ
मिले
मुझे
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Faiz Ahmad
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मैं
न
कहता
था
हिज्र
कुछ
भी
नहीं
ख़ुद
को
हलकान
कर
रही
थी
तुम
कितने
आराम
से
हैं
हम
दोनों
देखा
बेकार
डर
रही
थी
तुम
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Mehshar Afridi
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सब
से
पुर-अम्न
वाक़िआ
ये
है
आदमी
आदमी
को
भूल
गया
Jaun Elia
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इतना
तो
ज़िंदगी
में
किसी
के
ख़लल
पड़े
हँसने
से
हो
सुकून
न
रोने
से
कल
पड़े
Kaifi Azmi
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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हुआ
जो
इश्क़
तो
वो
रोज़
ओ
शब
को
भूल
गए
वो
अपने
इश्क़
ए
नुमाइश
में
सब
को
भूल
गए
कहाँ
वो
दुनिया
में
आए
थे
बंदगी
के
लिए
मिला
सुकून
जहाँ
में
तो
रब
को
भूल
गए
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Hameed Sarwar Bahraichi
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दिल
को
सुकून
रूह
को
आराम
आ
गया
मौत
आ
गई
कि
दोस्त
का
पैग़ाम
आ
गया
Jigar Moradabadi
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बनाया
था
सही
में
यार
रिश्ता
दिल
लगा
कर
के
लगा
अब
वक़्त
भी
उसको
नहीं
हमको
भुलाने
में
Raunak Karn
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ख़ुद
पे
हँस-हँस
के
दिन
गुज़ारे
है
रातें
तुझको
रो
कर
गुज़ारी
है
Raunak Karn
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सनम
हम
प्यार
से
मुख
मोड़
आए
हैं
सभी
दीवार
दिल
की
तोड़
आए
हैं
रहा
आँसू
पसीने
से
भरा
दामन
अरे
हम
तो
उसे
भी
छोड़
आए
हैं
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Raunak Karn
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यहाँ
पे
दर्द
दिल
में
हो
रहा
है
वहाँ
तो
चैन
से
वो
सो
रहा
है
रखा
तो
था
बहुत
ज़्यादा
बचा
कर
मगर
फिर
भी
मेरा
ग़म
खो
रहा
है
पता
तो
थी
नहीं
ये
बात
आख़िर
मिरा
तो
यार
दुश्मन
हो
रहा
है
सभी
से
जो
यहाँ
अच्छा
रहा
है
वही
बर्बाद
अब
क्यूँ
हो
रहा
है
पता
है
बात
आएगा
नहीं
वो
मगर
दिल
आस
यूँँ
ही
बो
रहा
है
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Raunak Karn
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नहीं
मतलब
नहीं
मतलब
हमें
अब
तो
किसी
से
भी
हमें
मतलब
अगर
तुम
सेे
न
होता
तो
भुला
देते
Raunak Karn
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