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sahil
hai karta lahu ko idhar se udhar ye
hai karta lahu ko idhar se udhar ye | है करता लहू को इधर से उधर ये
- sahil
है
करता
लहू
को
इधर
से
उधर
ये
तेरे
बाद
दिल
का
यही
काम
है
बस
- sahil
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गले
मिलना
न
मिलना
तो
तेरी
मर्ज़ी
है
लेकिन
तेरे
चेहरे
से
लगता
है
तेरा
दिल
कर
रहा
है
Tehzeeb Hafi
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उम्र
गुज़री
दवाएँ
करते
'मीर'
दर्द-ए-दिल
का
हुआ
न
चारा
हनूज़
Meer Taqi Meer
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न
तेरे
आने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
न
दिल
लगाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
क़सम
ख़ुदा
की
बताता
हूँ
राज़
ये
तुमको
नहारी
खाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
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Paplu Lucknawi
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ज़िंदगी
भर
के
लिए
दिल
पे
निशानी
पड़
जाए
बात
ऐसी
न
लिखो,
लिख
के
मिटानी
पड़
जाए
Aadil Rasheed
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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झुकी
झुकी
सी
नज़र
बे-क़रार
है
कि
नहीं
दबा
दबा
सा
सही
दिल
में
प्यार
है
कि
नहीं
Kaifi Azmi
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हर
दुख
का
है
इलाज,
उसे
देखते
रहो
सबकुछ
भुला
के
आज
उसे
देखते
रहो
देखा
उसे
तो
दिल
ने
ये
बे-साख़्ता
कहा
छोड़ो
ये
काम
काज
उसे
देखते
रहो
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Aslam Rashid
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बन
कर
कसक
चुभती
रही
दिल
में
मिरे
इक
आह
थी
ऐ
हम–नफ़स
मेरे
मुझे
तुझ
सेे
वफ़ा
की
चाह
थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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ये
कहते
हो
तिरे
जाने
से
दिल
को
चैन
आएगा
तो
जाता
हूँ,
ख़ुदा
हाफ़िज़!
मगर
तुम
झूठ
कहते
हो
Zubair Ali Tabish
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कहानी
भी
नहीं
है
दिल
में
कोई
सो
कुछ
भी
इन
दिनों
अच्छा
नहीं
है
मैं
अब
उकता
गया
हूँ
ज़िन्दगी
से
मेरा
जी
अब
कहीं
लगता
नहीं
है
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Ritesh Rajwada
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झील
आँखें
ज़ुल्फ़
बादल
चाल
जैसे
मोरनी
सारी
क़ुदरत
की
करामत
इक
बदन
में
क़ैद
है
sahil
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उधर
पाने
की
चाहत
है
इधर
है
लुत्फ़
खोने
का
उधर
इश्क़-ए-मजाज़ी
है
इधर
इश्क़-ए-हक़ीक़ी
है
sahil
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मैंने
तुझ
को
कहा
था
मिसरे
में
और
वो
शे'र
हो
गया
जानाँ
sahil
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मिरे
यार
आए
नमक
ले
के
मिलने
उन्हें
है
पता
ज़ख़्म
मेरा
हरा
है
sahil
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ये
दामन
अश्क़
से
गीला
नहीं
है
अभी
दिल
से
लहू
फूटा
नहीं
है
नया
इक
दर्द
दस्तक
दे
रहा
है
पुराना
ज़ख़्म
भी
सूखा
नहीं
है
मिरी
धड़कन
तलक
पर
वो
है
क़ाबिज़
मगर
उस
में
मिरा
हिस्सा
नहीं
है
गिला
ये
है
मुझे
उस
नाख़ुदास
वो
मुझ
सा
है
मगर
मेरा
नहीं
है
यहाँ
पर
सिर्फ़
काँटे
ही
मिलेंगे
मुहब्बत
ताज
फूलों
का
नहीं
है
गुनाहों
से
अभी
वाबस्तगी
है
पुराने
पेड़
को
काटा
नहीं
है
अभी
भी
लड़
रहा
है
जंग
साहिल
दिया
तूफ़ाँ
से
ये
हारा
नहीं
है
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sahil
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