sab banta hai mere haathon se magar ek teri soorat nahin banti | सब बनता है मेरे हाथों से मगर एक तेरी सूरत नहीं बनती

  - Rajnish
सबबनताहैमेरेहाथोंसेमगरएकतेरीसूरतनहींबनती
अपनीतस्वीरदेदेतातूअगरतोयेभीज़रूरतनहींबनती
कुछतोमसलाचलरहाहैदिलऔरदिमागकेबीचमें
वोख़्वाबोंवालीलड़कीक्यूँँंहक़ीक़तनहींबनती
कभीसाथकिनारेबैठकरकाटतेहैंदरियाकिरवानीको
पल-दो-पलकीमुलाक़ातोंसेअबतबीयतनहींबनती
जिसकीआँखोंमेंउजालाहोअनगिनतचराग़ोंका
अंधेरेसेआँखचुरानेकीफिरउसकीनीयतनहींबनती
बीचदरियाकश्तीकाटकरबनारहेहोंपतवारजो
दु'आबनतीहैउनकोमगरकोईनसीहतनहींबनती
  - Rajnish
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