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Kaviraj " Madhukar"
tumhein ye maanna hogaa yahii sach hai
tumhein ye maanna hogaa yahii sach hai | तुम्हें ये मानना होगा यही सच है
- Kaviraj " Madhukar"
तुम्हें
ये
मानना
होगा
यही
सच
है
तुम्हारा
क्या
किसी
का
भी
नहीं
हूँ
मैं
- Kaviraj " Madhukar"
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मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
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Kanval Dibaivi
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सच
बोलने
के
तौर-तरीक़े
नहीं
रहे
पत्थर
बहुत
हैं
शहर
में
शीशे
नहीं
रहे
Nawaz Deobandi
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मैं
आज
जो
भी
कहूँगा
तुम
सेे
वो
सच
है
जानम
ये
जान
लो
तुम
मिरी
ग़ज़ल
के
हरेक
मिसरे
से
मेरी
चाहत
झलक
रही
है
Amaan Pathan
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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इतना
सच
बोल
कि
होंटों
का
तबस्सुम
न
बुझे
रौशनी
ख़त्म
न
कर
आगे
अँधेरा
होगा
Nida Fazli
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ऐसा
नहीं
बस
आज
तुझे
प्यार
करेंगे
ता'उम्र
यही
काम
लगातार
करेंगे
सरकार
करेगी
नहीं
इस
देश
का
उद्धार
उद्धार
करेंगे
तो
कलाकार
करेंगे
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Tanoj Dadhich
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कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
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मुझे
उस
सेे
मुहब्बत
सच
बड़ी
महँगी
पड़ेगी
अकेलेपन
से
उसने
इश्क़
ऐसा
कर
लिया
है
Anukriti 'Tabassum'
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मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
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Avtar Singh Jasser
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देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
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हमने
बस
उसको
चाहा
है
कोई
उसको
ये
बतला
दे
Kaviraj " Madhukar"
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कि
हमने
सब
दिवाली
के
दिए
तिरे
ही
नाम
से
रौशन
किए
मिरी
ग़ज़लें
मिरी
हर
नज़्म
वो
मिरा
हर
शे'र
है
उसके
लिए
हमें
कोई
नहीं
है
चाहता
ख़ुदाया
हम
बने
किस
के
लिए
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Kaviraj " Madhukar"
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किसे
दें
हम
नया
टैडी
बियर
हमारा
तो
यहाँ
कोई
नहीं
Kaviraj " Madhukar"
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मिला
हूँ
आज
तुम
सेे
पर
यक़ीं
मानो
कई
सालों
से
तुमको
जानता
हूँ
मैं
Kaviraj " Madhukar"
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अब
तो
ग़म
को
ढ़ोना
होगा
जो
पाया
है
खोना
होगा
रोना
लिक्खा
है
किस्मत
में
सो
हमने
बस
रोना
होगा
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Kaviraj " Madhukar"
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