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Kaviraj " Madhukar"
ki hamne sab diwali ke diye
ki hamne sab diwali ke diye | कि हमने सब दिवाली के दिए
- Kaviraj " Madhukar"
कि
हमने
सब
दिवाली
के
दिए
तिरे
ही
नाम
से
रौशन
किए
मिरी
ग़ज़लें
मिरी
हर
नज़्म
वो
मिरा
हर
शे'र
है
उसके
लिए
हमें
कोई
नहीं
है
चाहता
ख़ुदाया
हम
बने
किस
के
लिए
- Kaviraj " Madhukar"
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धूप
को
साया
ज़मीं
को
आसमाँ
करती
है
माँ
हाथ
रखकर
मेरे
सर
पर
सायबाँ
करती
है
माँ
मेरी
ख़्वाहिश
और
मेरी
ज़िद
उसके
क़दमों
पर
निसार
हाँ
की
गुंज़ाइश
न
हो
तो
फिर
भी
हाँ
करती
है
माँ
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Nawaz Deobandi
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जली
हैं
धूप
में
शक्लें
जो
माहताब
की
थीं
खिंची
हैं
काँटों
पे
जो
पत्तियाँ
गुलाब
की
थीं
Dagh Dehlvi
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वो
जिसपर
उसकी
रहमत
हो
वो
दौलत
मांगता
है
क्या
मोहब्बत
करने
वाला
दिल
मोहब्बत
मांगते
है
क्या
तुम्हारा
दिल
कहे
जब
भी
उजाला
बन
के
आ
जाना
कभी
उगता
हुआ
सूरज
इज़ाज़त
मांगता
है
क्या
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Ankita Singh
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ये
भँवरे
रौशनी
खो
देंगे
अपनी
आँखों
की
अगर
चमन
में
जो
कलियाँ
नक़ाब
ओढेंगी
Shajar Abbas
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कहीं
कोई
चराग़
जलता
है
कुछ
न
कुछ
रौशनी
रहेगी
अभी
Abrar Ahmad
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इक
दिए
से
एक
कमरा
भी
बहुत
है
दिल
जलाने
से
ये
घर
रौशन
हुआ
है
Neeraj Neer
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तारीकियों
को
आग
लगे
और
दिया
जले
ये
रात
बैन
करती
रहे
और
दिया
जले
उस
की
ज़बाँ
में
इतना
असर
है
कि
निस्फ़
शब
वो
रौशनी
की
बात
करे
और
दिया
जले
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Tehzeeb Hafi
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प्यार
की
जोत
से
घर
घर
है
चराग़ाँ
वर्ना
एक
भी
शम्अ
न
रौशन
हो
हवा
के
डर
से
Shakeb Jalali
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रिश्तों
को
जब
धूप
दिखाई
जाती
है
सिगरेट
से
सिगरेट
सुलगाई
जाती
है
Ankit Gautam
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हम
ख़ुश
हैं
हमें
धूप
विरासत
में
मिली
है
अजदाद
कहीं
पेड़
भी
कुछ
बो
गए
होते
Shahryar
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किलों
को
जीतने
का
दम
भले
तलवार
में
है
दिलों
को
जीतने
का
दम
मगर
बस
प्यार
में
है
Kaviraj " Madhukar"
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यही
तो
बस
हक़ीक़त
है
समझती
क्यूँ
नहीं
रिमझिम
मुझे
तुम
से
मुहब्बत
है
समझती
क्यूँ
नहीं
रिमझिम
ये
दुनिया
क्या
मुझे
कुछ
भी
मिले
मैं
छोड़
सकता
हूँ
मुझे
बस
तेरी
चाहत
है
समझती
क्यूँ
नहीं
रिमझिम
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Kaviraj " Madhukar"
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हमारा
दिल
लगा
है
बस
उसी
से
जिसे
मतलब
नहीं
है
आशिक़ी
से
पडे़
है
इश्क़
में
हम
आप
ही
के
हमें
मतलब
यहाँ
बस
आप
ही
से
तुम्हारे
बाद
सच
में
यार
मेरे
मुझे
मतलब
नहीं
रहता
किसी
से
कि
तोडा़
आपने
जबसे
भरोसा
भरोसा
उठ
गया
है
दोस्ती
से
तुम्हारा
इश्क़
कोई
और
है
तो
चली
जाओ
हमारी
ज़िन्दगी
से
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Kaviraj " Madhukar"
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मुझे
जब
भी
लगाती
वो
गले
से
मिरा
ये
दिल
धड़कता
तब
बहुत
है
Kaviraj " Madhukar"
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ज़मीं
को
छोड़कर
वो
जा
चुका
पर
अभी
भी
है
दिलों
में
वो
सभी
के
Kaviraj " Madhukar"
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